अगली बार हर खेत तक पहुंचा देंगे पानी

रविवार, 1 मार्च 2020 को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में जदयू के राज्यस्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की उपस्थिति एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री बशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता श्री आरसीपी सिंह, लोकसभा में दल के नेता श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह एवं ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव समेत जदयू से जुड़े बिहार सरकार के सभी मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, विधानपार्षदगण, पूर्व सांसद, विधायक, विधानपार्षद, सभी क्षेत्रीय संगठन प्रभारी, प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष, पार्टी के जिला प्रभारी, जिला अध्यक्ष, विधानसभा प्रभारी, प्रखंड अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारीगण मौजूद रहे।


 कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज ही के दिन ठीक पांच साल पहले 1 मार्च 2015 को इसी पटना के गांधी मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया था। आज के इस कार्यकर्ता सम्मेलन में इतनी बड़ी तादाद में सर्व समुदाय के लोग शामिल हुए हैं, सबसे पहले मैं उनका हार्दिक अभिनंदन करता हूँ। उन्होंने कहा कि पार्टी के स्तर पर सभी लोगों को पहले ट्रेनिंग दिया गया। 28 जनवरी को प्रखंड स्तर से लेकर जिला एवं राज्य स्तर तक के कार्यकर्ताओं एवं पार्टी पदाधिकारियों के साथ हमलोगों ने बैठक की थी। बैठक में सभी लोगों को सरकार द्वारा किए गए कामों का फीडबैक देने के लिए कहा गया। पुन: 22 फरवरी को उन लोगों से चर्चा हुई। 28 जनवरी को ही निर्णय किया गया था कि 1 मार्च को गांधी मैदान में कार्यकर्ताओं का महासम्मेलन होगा। आज के इस आयोजन के लिए मैं पार्टी को धन्यवाद देता हूँ। चुनाव में सभी कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है और सभी अपने-अपने क्षेत्र में ठीक ढंग से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परसों एक दुखद घटना हुई, जिसमें हमारे पुराने साथी बैद्यनाथ महतो जी का निधन हो गया। वे विधायक, मंत्री एवं सांसद भी रहे। समता पार्टी के गठन के समय से ही उन्होंने पार्टी के लिए हरसंभव काम किया। मैं पूरी पार्टी की ओर से उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करता हूँ। 


श्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 में जब से काम करने का मौका मिला, हर क्षेत्र में काम किया गया है। कानून का राज कायम किया गया और न्याय के साथ विकास के काम में प्रारंभ से ही हमलोग लगे हैं। अगस्त 2015 में सात निश्चय कार्यक्रम का ऐलान किया गया और उसके आधार पर उन निश्चयों पर काम किया जा रहा है। 2005 से अब तक किए गए कामों को इकट्ठा कर आप सबको भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के द्वारा वर्ष 2018 में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में प्रति लाख की जनसंख्या पर 383.5 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए, जबकि बिहार में 222.1 था। बिहार का अपराध में 23वां स्थान रहा। बिहार में होने वाली हत्या की घटना का आकलन करने पर पता चलता है कि 60 प्रतिशत मामले आपसी विवाद, जमीन/संपत्ति संबंधी विवाद एवं पारिवारिक झगड़े के कारण हैं। भूमि विवाद समाधान के लिए पारिवारिक बंटवारे के आधार पर सांकेतिक निबंधन शुल्क 100 रुपए किया गया है। ऐसा सुनिश्चित किया जा रहा है कि विक्रेता अपनी जमीन ही बेचें और एक ही बार बेचें ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके। 8 हजार कर्मचारियों और अमीनों की बहाली की जा रही है। सर्वे सेटलमेंट के लिए एरियल सर्वे कराया गया। सर्वे सेटलमेंट का काम पूरा होने के बाद राज्य में भूमि विवाद संबंधी समस्याओं का समाधान काफी हद तक हो जाएगा।


 श्री नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में सड़क, पुल एवं पुलियों के निर्माण कराए गए। प्रशासनिक सुधार के भी कई काम किए गए। वर्ष 2011 में लोक सेवा अधिकार कानून लागू कर अब तक 23 करोड़ 27 लाख आवेदनों का निष्पादन किया गया है। पहले लोगों को आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। वर्ष 2016 में लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून बनाकर अब तक 6 लाख 60 हजार आवेदनों का निष्पादन किया गया है। सरकारी सेवकों की शिकायतों के समाधान के लिए बिहार सरकारी सेवक शिकायत निवारण प्रणाली लागू की गई। जब हमलोग सरकार में आए थे तब पता चला कि साढ़े बारह प्रतिशत बच्चे स्कूलों से बाहर थे। तालिमी मरकज और टोला सेवक की बहाली की गई और अब एक प्रतिशत से भी कम बच्चे स्कूलों से बाहर हैं। मिडिल स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों के लिए पोशाक योजना लागू की गई। फिर बाद में 9वीं क्लास की लड़कियों के लिए साइकिल योजना लागू की गई। उसके बाद 9वीं क्लास के लड़कों को भी साइकिल योजना का लाभ दिया गया। अब सालाना लगभग 15 लाख लड़कियों एवं लड़कों को साइकिल योजना का लाभ दिया जा रहा है। साइकिल योजना लागू होने से लड़कियों में आत्मसम्मान बढ़ा है। आज स्थिति यह है कि मैट्रिक में पढ़ने वाले लड़कों एव लड़कियों की संख्या बराबर हो गई है। साढ़े तीन लाख शिक्षकों का भी नियोजन किया गया। बच्चे एवं बच्चियों को पढ़ाना हम सबका दायित्व है। देश में उच्च शिक्षा का औसत दर 24 प्रतिशत है, जबकि बिहार में 13 प्रतिशत है। इसे हमलोग 30 प्रतिशत तक पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान एवं मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। वर्ष 2005 में राज्य का प्रजनन दर 4.3 था जो घटकर अब 3.2 हो गया है। एक अध्ययन से यह पता चला है कि पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है तो देश में औसत प्रजनन दर 2 है और बिहार का भी 2 है। पति-पत्नी में अगर पत्नी इंटर पास है तो देश में औसत प्रजनन दर 1.7 है और बिहार का 1.6 है। इस आंकड़े के विश्लेषण के आधार पर हमलोगों ने निर्णय किया कि सभी बच्चियों को मैट्रिक और इंटर तक पढ़ाएंगे। लड़कियों के शिक्षित होने से प्रजनन दर भी घटेगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में इस वर्ष अप्रैल माह से 9वीं क्लास की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। अब तक 6 हजार पंचायतों में उच्च माध्यमिक विद्यालयों का निर्माण किया जा चुका है और बाकी ग्राम पंचायतों में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एक और कदम उठाते हुए पूरे राज्य में उन्नयन बिहार स्कीम लागू किया गया है, जिसमें पांच विषयों को शामिल किया गया है। पोर्न साइट पर प्रतिबंध लगाने के लिए हमने प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा है। उन्नयन बिहार के अंतर्गत बच्चों को पोर्न साइट से दूरी बनाए रखने के लिए चेतना जागृत करने के संबंध में भी शिक्षित करने को कहा गया है। राज्य भर में आवागमन की सुविधा बढ़ी है। सड़कें बनने से जमीन की कीमत भी बढ़ी है। कुछ लोग मीडिया में आई खबरों पर बयानबाजी करते रहते हैं, उन्हें काम से कुछ लेना-देना नहीं है।


 श्री नीतीश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई काम किए गए हैं। वर्ष 2006 में सर्वे से पता चला कि एक माह में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर इलाज कराने जाने वाले मरीजों की संख्या मात्र 39 थी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार करते हुए हमलोगों ने मुफ्त दवा की व्यवस्था, पारा मेडिकल स्टाफ, डॉक्टर एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। अब स्थिति यह है कि एक माह में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर इलाज कराने जाने वाले मरीजों की संख्या 10 हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों तक एक ही परिवार को काम करने का मौका मिला, तब उन्होंने क्या किया?वर्ष 2005 तक टीकाकरण मात्र 18 प्रतिशत था और अब टीकाकरण 86 प्रतिशत हो गया है और सम्पूर्ण टीकाकरण के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं और देश के पांच सर्वोच्च राज्यों में बिहार को शामिल कराने के लिए काम कर रहे हैं। वर्ष 2005 तक कालाजार के 23,383 मामले थे। मुख्यमंत्री राहत कोष से उन्हें मदद दी गई। अब उनकी संख्या घटकर 252 हो गई है। बिल गेट्स ने खगड़िया जाकर पल्स पोलियो उन्मूलन के कार्य को देखकर प्रशंसा की थी। बिहार में पोलियो का उन्मूलन हो गया है। बिहार में हर क्षेत्र में बेहतर काम हुआ है। वर्ष 2005 में शिशु मृत्यु दर प्रति हजार 61 था जो अब घटकर 35 हो गया है। नवजात शिशु मृत्यु दर प्रति हजार 37 से घटकर 27 हो गया है। मातृ मृत्यु दर प्रति लाख 371 से घटकर 185 पर आ गया है। उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर में जिस प्रकार से कमी आई, जैसे पोलियो से बिहार को छुटकारा मिला उसी तरह कालाजार से भी बिहार को छुटकारा मिले, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।हम चाहते हैं कि अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्वास्थ्य उपकेन्द्र बने, इसके लिए जो लोग अपनी तरफ से जमीन उपलब्ध कराएंगे, उनकी इच्छानुरूप उस स्वास्थ्य केन्द्र का नामकरण किया जाएगा। 


श्री नीतीश कुमार ने कहा कि हर गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। कोई सड़क खराब दिखे तो उसकी शिकायत कीजिए, उसके बाद ना सिर्फ वह सड़क बन जाएगी बल्कि उसके लिए जो जिम्मेवार है, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। टोलों को भी पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पथ निर्माण विभाग के तहत 2005 से अब तक सड़कों के निर्माण में 52 हजार 385 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 51 हजार 885 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया गया है, जबकि 2,240 किलोमीटर सड़कों का निर्माण प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के अंतर्गत 6,800 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। ग्रामीण इलाकों में 31,587 किलोमीटर पथों का निर्माण कराया जा चुका है और 16,581 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का काम चल रहा है। 


अपने संबोधन में आगे उन्होंने कहा कि पंचायती राज एवं नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण देने वाला बिहार पहला राज्य है। महिलाओं को पुलिस सेवा में भी 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। सात निश्चय योजना अंतर्गत सभी सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया है। अनुसूचित जनजाति से जुड़ी महिलाओं के लिए स्वाभिमान बटालियन का गठन किया गया है।स्वयं सहायता समूह का गठन कर महिलाओं को सशक्त किया गया है और अब तक 9 लाख 13 हजार जीविका समूहों का गठन कर एक करोड़ से अधिक परिवारों को इससे जोड़ा जा चुका है। कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत अविवाहित लड़की इंटर पास कर जाएगी तो उसे राज्य सरकार की तरफ से 10 हजार रुपए दिए जाएंगे। लड़की विवाहित हो या अविवाहित अगर ग्रेजुएशन कर जाएगी उसे 25 हजार रुपए दिए जाएंगे।


 उन्होंने कहा कि एससी/ एसटी/ अतिपिछड़ा वर्ग के युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए उद्यमी योजना के तहत 5 लाख का अनुदान और 5 लाख रुपए की राशि का ब्याज रहित सहयोग कारोबार शुरू करने के लिए दिया जा रहा है।उन्होंने कहा कि न्यायिक सेवा में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति को 16 प्रतिशत, अतिपिछड़ा को 21 प्रतिशत और पिछड़े वर्ग के लोगों को 12 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया। वृद्धजन पेंशन योजना के तहत अब तक प्राप्त हुए 19 लाख लोगों के आवेदन में से 14 लाख 21 हजार आवेदनों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। शेष आवेदनों को जल्द ही स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी। इस योजना के लाभुकों की सुविधा के लिए बायोमेट्रिक के साथ-साथ भौतिक सत्यापन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। 


श्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमने मुस्लिम समाज खासकर मुस्लिम महिलाओं के लिए कई कार्य किए हैं। ‘हुनर’ जैसी योजना चलाई गई है, जिसका फायदा मुस्लिम महिलाओं को मिला। बिहार में सभी वर्गों के लिए काम किया गया है। हमने किसी की उपेक्षा नहीं की है। उन्होंने कहा कि 15 साल राज करने वाले एवं उसके पूर्व कांग्रेस राज में मुस्लिमों के लिए क्या काम किया गया? भागलपुर दंगा के दोषियों को बचाया गया। सरकार में आने के बाद हमलोगों ने भागलपुर दंगा के दोषियों को सजा दिलाई। आज कुछ लोग मुस्लिम समाज के लोगों को बरगला रहे हैं। आश्वासन के सिवाय पहले मुस्लिमों को क्या मिलता था। आज हमलोग सिर्फ आश्वासन नहीं देते बल्कि हमलोगों ने मुस्लिम समाज के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई हैं।


 उन्होंने कहा कि आजकल कुछ लोग बेरोजगारी यात्रा पर निकले हैं। एक परिवार के 15 वर्षों के शासनकाल में रोजगार का क्या हाल था? एक अदद नौकरी के लिए बिहार की जनता तरस जाती थी। वर्ष 2005 से अब तक बिहार लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, तकनीकी सेवा आयोग, केन्द्रीय सिपाही चयन पर्षद सहित अन्य क्षेत्रों में 153100 लोगों को नियुक्त किया गया है और कई पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं जल संसाधन विभाग के द्वारा 109 करोड़ 12 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है। बिहार के लोग देश के कई हिस्सों में रोजगार तो कर ही रहे हैं, साथ-साथ उस राज्य के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। बिहार के बाहर जाकर काम करने को कुछ लोग पलायन से जोड़ते हैं, जबकि देश के किसी हिस्से में कोई भी व्यक्ति रोजगार कर सकता है। यह हर हिन्दुस्तानी का हक है। बिहार में भी केरल से नर्सें आकर काम करती हैं। बिहार में बाहर से लोग आकर काम कर रहे हैं। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत हम अपने लोगों को इस प्रकार से प्रशिक्षित कर रहे हैं कि देश ही नहीं दूसरे देशों में जाकर काम कर सकें। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना, पोस्ट मैट्रिक अनुदान योजना, अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, परित्यक्ता मुस्लिम महिला सहायता योजना, मदरसा शिक्षा सुदृढ़ीकरण योजना, वक्फ विकास योजना सहित अन्य कई प्रकार की योजनाओं का लाभ लोग उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री मत्स्य विकास योजना में अतिपिछड़ों को भी शामिल किया गया है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए 2016 की औद्योगिक नीति में कृषि कार्य से जुड़ी चीजों को शामिल किया जा रहा है। पैक्स के माध्यम सेधान और गेहूँ की अधिप्राप्ति की जा रही है। आपदा प्रबंधन के तहत पीड़ितों की मदद के लिए हमलोग सदैव तत्पर हैं। वर्ष 2007 में बिहार के 22 जिले और 2.5 करोड़ बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद की गई। वर्ष 2019 में 44 लाख 33 हजार आपदा प्रभावित परिवारों के बीच 2298 करोड़ 21 लाख रुपए वितरित किए गए। किसानों के बीच इनपुट सब्सिडी के तहत 772 करोड़ 48 लाख का अनुदान वितरित किया गया। इस वर्ष 24 से 26 फरवरी को हुई ओलावृष्टि का आकलन कराया जा रहा है, उन्हें हरसंभव सहयोग किया जाएगा। इस वर्ष हमलोग हर घर शौचालय और हर घर तकपक्की गली और नाली के निर्माण का काम पूरा कर देंगे। ग्राम टोला सम्पर्क योजना के अंतर्गत सभी टोलों को पक्की सड़क से जोड़ने का काम जून 2020 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।


 श्री नीतीश कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत की गई है, जिसमें 11 अवयवों को शामिल किया गया है। 7 अवयव जल संरक्षण से संबंधित हैं। इस वर्ष 9 अगस्त को 2 करोड़ 51 लाख पौधे एक दिन में ही लगाए जाएंगे। मौसम के अनुकूल फसल चक्र को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। ऊर्जा के संरक्षण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जा रहा है। बेघर लोगों को आवास की उपलब्धता के लिए एक लाख बीस हजार रुपए मकान के लिए जबकि साठ हजार रुपए जमीन खरीद के लिए राज्य सरकार मुहैया करा रही है। उन्होंने कहा कि समाज सुधार के भी काम किए जा रहे हैं। दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया गया। राज्य में शराबबंदी लागू की गई और जब तक हम हैं बिहार में कभी भी शराबबंदी से कोई समझौता नहीं होगा। अब शराबबंदी कोई खत्म नहीं कर सकता है, इसके लिए सरकार के द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। लोगों को भी जागरुक रहना होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट 2018 में प्रकाशित हुई थी जिसके मुताबिक दुनिया भर में होने वाली मौतों में शराब पीने के कारण 30 लाख लोगों की मौत होती है जो 5.3 प्रतिशत है। 20 से 39 आयुवर्ग के लोगों में होने वाली मृत्यु का 13.5 प्रतिशत लोगों की मृत्यु शराब पीने के कारण हुआ करती है। शराब पीने के कारण आत्महत्या के 18 प्रतिशत मामले, आपसी झगड़ा के 18 प्रतिशत, सड़क दुर्घटना के 27 प्रतिशत और मिर्गी के 13 प्रतिशत मामले होते हैं।


 श्री नीतीश कुमार ने कहा कि एनपीआर को लेकर हमने विधानसभा में प्रस्ताव लाकर साफ कर दिया कि 2010 वाले आधार पर ही एनपीआर हो जिसमें ट्रांसजेंडर के कॉलम को शामिल किया जाए। सीएए का मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है। कोर्ट के फैसले का इंतजार कीजिए। समाज में इन मुद्दों पर तनाव नहीं फैलाएं। समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारा का माहौल कायम रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन पार्टियों के नेता सीएए की मुखालफत कर रहे हैं, वे वर्ष 2003 में अटल जी की सरकार में इसके लिए बनी स्टैंडिंग कमिटी में थे और उन्होंने संसद में दिए गए अपने वक्तव्य के दौरान इसके पक्ष में अपनी बातें रखी थीं।आज कुछ लोग चाहते हैं कि भारत का माहौल 1947 वाला हो जाए लेकिन ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं होने देना है। भारत एक था, एक है और एक ही रहेगा। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को भारी जनसमर्थन मिला था, जबकि विपक्ष के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी। इस वर्ष होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में 200 से ज्यादा सीटों पर एनडीए को कामयाबी मिलेगी। विपक्षी नेताओं से शिष्टाचार मुलाकात के कोई राजनीतिक मायने नहीं निकाले जाएं। कुछ लोग मुलाकात को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। एनडीए एकजुट है, गठबंधन अटूट है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1931 के बाद से हुई जनगणना में जातीय जनगणना अब तक नहीं कराया गया है। वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना में जातीय जनगणना को शामिल करने के लिए वर्ष 2019 में ही बिहार विधानसभा से इसके पक्ष में संकल्प पारित कराया गया था। विधानसभा के इस वर्ष के बजट सत्र में जातीय जनगणना कराए जाने के पक्ष में संकल्प पुन: पारित कराया गया है जिससे केन्द्र सरकार को अवगत भी कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद अगली बार हम बिहार में सत्ता में आएंगे तो बिहार के हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचा देंगे। जनता का आशीर्वाद हमें पुन: प्राप्त होगा। हमलोगों ने समाज के हर समुदाय और हर वर्ग के लिए काम किया है। हमारी पार्टी विवाद और झगड़ों में नहीं बल्कि काम करने में विश्वास रखती है। मेरा दायित्व है सबकी सेवा करना। पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरुक रहना होगा। बिहार को विकसित प्रदेश बनाने के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा।


 जदयू कार्यकर्ता सम्मेलन को बिहार प्रदेश जदयू के अध्यक्ष व सांसद श्री बशिष्ठ नारायण सिंह, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता श्री आरसीपी सिंह, लोकसभा में दल के नेता श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, ऊर्जा मंत्री श्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, सांसद श्री रामनाथ ठाकुर, उद्योग मंत्री श्री श्याम रजक, भवन निर्माण मंत्री श्री अशोक चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री संजय झा, समाज कल्याण मंत्री श्री रामसेवक सिंह कुशवाहा, योजना एवं विकास मंत्री श्री महेश्वर हजारी,अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री श्री रमेश ऋषिदेव,खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री मदन सहनी, परिवहन मंत्री श्री संतोष निराला, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री खुर्शीद आलम उर्फ फिरोज अहमद, लोकसभा में दल के मुख्य सचेतक व सांसद श्री दिलेश्वर कामत, सांसद श्री सुनील कुमार पिन्टू, पूर्व मंत्री व विधायक श्रीमती लेसी सिंह, विधायक श्री बशिष्ठ सिंह एवं विधानपार्षद प्रो. रणवीर नंदन ने भी संबोधित किया। सम्मेलन के समापन के उपरांत दिवंगत सांसद स्व. बैद्यनाथ प्रसाद महतो एवं पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. जॉर्ज फर्नांडिस की याद में एक मिनट का मौन धारण कर पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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